जिस्म ज़ख्मों की जीती जागती नुमाइश है
फ़िर भी जीने की दिल मैं दबी दबी ख़्वाहिश है
दर्द पीछा नही छोड़ेगा मौत आने तक
साँस के साथ साथ दर्द की पैदाइश है
टूट कर बिखर जाने के नही कायल हम भी
साँस बाकी है जब तक सुबह की गुंजाईश है
यूँ न मायूस हो कर होंसले का दम तोड़ो
अभी तो ज़िंदगी से गीत की फरमाइश है
कही घायल, कहीं भूखे कहीं पंछी कफ़स में
हर तरफ़ मौत से जीवन की आज़मईश है
bahut hi acchi gazal ..........
जवाब देंहटाएंदर्द पीछा नही छोड़ेगा मौत आने तक
जवाब देंहटाएंसाँस के साथ साथ दर्द की पैदाइश है
टूट कर बिखर जाने के नही कायल हम भी
साँस बाकी है जब तक सुबह की गुंजाईश है
bahut hi acchi gazal
अच्छी रचना
जवाब देंहटाएंनिरन्तरता निखार की जननी है
याद रखिये
शेष शुभ
यूँ न मायूस हो कर होंसले का दम तोड़ो
जवाब देंहटाएंअभी तो ज़िंदगी से गीत की फरमाइश है
bhai wah. Likhate rahiye janaab.
Omprakash
बहुत ही अच्छा लिखा है।
जवाब देंहटाएंतुकबंदी अच्छी कर लेते हैं. क्या आपके लिए ग़ज़ल की शैली अपनाना ज़रूरी है ?
जवाब देंहटाएंमाना आपकी गजल में दम है लेकिन,
जवाब देंहटाएंऔर भी ऊँचे विचार आने की गुंजाईश है.
achchi rachna hai.jijivisha jagrit rahni chahiye,har haal me.
जवाब देंहटाएंsach bahut achhi gazal padhne mili aaj,har sher waah waah
जवाब देंहटाएंदर्द पीछा नही छोड़ेगा मौत आने तक
जवाब देंहटाएंसाँस के साथ साथ दर्द की पैदाइश है
--गजब महाराज!! आजकल तो अब मेला लगने लगा है पाठकों का. हो भी क्यूँ न..लिखते ही इतना कातिल हो!!१
समीर भाई
जवाब देंहटाएंआप तो मेरे गुरु हैं
ऐसे ही कृपा बनाये रखें
sir ji, aap ki rachnain hamein bahut pasand aaiyein.
जवाब देंहटाएंaap mujhse orkut par bhi mil sakte hain, ya fir e-mail kar sakte hain-manaskha@yahoo.co.in
my phone no is 9889206089.
please suggest me some tips for my blog development.
is it necessary to type every thing online.
i have got my poems typed from one of the typist but they don't appear correctly on blog.
waiting for ur response..
ur blog is great..
KEEP IT UP.
भाई जबरदस्त..... बहुत-बहुत-बहुत अच्छी लगी आपकी रचनाएँ...वाकई जिन्दगी भी एक आजमाईश है.... इस आजमाईश में हमारा स्थान कहाँ है...यह भी हम नहीं जानते.....
जवाब देंहटाएंटूट कर बिखर जाने के नही कायल हम भी
जवाब देंहटाएंसाँस बाकी है जब तक सुबह की गुंजाईश है
Bhai kya khoob likhte ho, Lagta hai dil cheer ke rakh diya ho....
Sadhubaad
दिगम्बर जी
जवाब देंहटाएंबहुत आनन्द आया आपके यहाँ.
आपकी लेखनी हमें बार बार यहाँ लाएगी
द्विज जी
जवाब देंहटाएंआप मेरे ब्लॉग पर आए, ये मेरा सोभाग्य है
आप को मेरी ग़ज़ल अच्छी लगी तो मैं मान सकता हूँ की मैं भी ठीक लिख सकता हूँ.
आप का बहुत बहुत धन्यवाद