किसी के हाथ में ख़ंजर, कहीं फरमान होता है
तुम्हारी दोस्ती में ये बड़ा नुक्सान होता है
नहीं आसान इसकी सरहदों तक भी पहुँच पाना
बुलंदी का इलाका इसलिए सुनसान होता है
मुखौटे ओढ़ कर सच की हकीकत ढूंढते हैं सब
शहर का आइना ये देख कर हैरान होता है
जो तिनके के सहारे तैरने का दम नहीं रखते
भंवर में थामना उनको कहाँ आसान होता है
लड़कपन बीत जाता है, जवानी भी नहीं रहती
बुढापा उम्र भर इस जिस्म का मेहमान होता है
तुम्हारी दोस्ती में ये बड़ा नुक्सान होता है
नहीं आसान इसकी सरहदों तक भी पहुँच पाना
बुलंदी का इलाका इसलिए सुनसान होता है
मुखौटे ओढ़ कर सच की हकीकत ढूंढते हैं सब
शहर का आइना ये देख कर हैरान होता है
जो तिनके के सहारे तैरने का दम नहीं रखते
भंवर में थामना उनको कहाँ आसान होता है
लड़कपन बीत जाता है, जवानी भी नहीं रहती
बुढापा उम्र भर इस जिस्म का मेहमान होता है
मुखौटे ओढ़ कर सच की हकीकत ढूंढते हैं सब
जवाब देंहटाएंशहर का आइना ये देख कर हैरान होता है
जो तिनके के सहारे तैरने का दम नहीं रखते
भंवर में थामना उनको कहाँ आसान होता है
बहुत उमदा अशआर हैं शुभकामनायें
वाह ! उम्दा , बेहतरीन व नायाब , दिगंबर भाई धन्यवाद !
जवाब देंहटाएंInformation and solutions in Hindi ( हिंदी में समस्त प्रकार की जानकारियाँ )
लड़कपन बीत जाता है, जवानी भी नहीं रहती
जवाब देंहटाएंबुढापा उम्र भर इस जिस्म का मेहमान होता है
बहुत खूब.. उम्र के साथ ही विदा होती है वृद्धावस्था सभी शेर लाजवाब हैं..
जो तिनके के सहारे तैरने का दम नहीं रखते
जवाब देंहटाएंभंवर में थामना उनको कहाँ आसान होता है
बहुत खूब !
आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति मंगलवारीय चर्चा मंच पर ।।
जवाब देंहटाएंवाह। आईना दिखाती पंक्तियां।
जवाब देंहटाएंनहीं आसान इसकी सरहदों तक भी पहुँच पाना
जवाब देंहटाएंबुलंदी का इलाका इसलिए सुनसान होता है
Behtreen panktiyan....
खुबसूरत अभिवयक्ति.....
जवाब देंहटाएंवाह ! उम्दा... बेहतरीन....
जवाब देंहटाएंकुछ जिन्दगानियां लडकपन और बचपन के बिना ही बुढ़ापे को थामे बैठे होती है !!
जवाब देंहटाएंमुखौटे अपने चेहरे पर , सच किसी का ढूंढते रहे हैं हम !!
बेहतरी से अपने भावों को ग़ज़ल में पिरोते हैं आप !!
हर अशआर लाज़बाब । हमेशा की तरह ही यह रचना भी गहरी और अर्थपूर्ण ।
जवाब देंहटाएंलड़कपन बीत जाता है, जवानी भी नहीं रहती
जवाब देंहटाएंबुढापा उम्र भर इस जिस्म का मेहमान होता है!
एक एक शे'र एक फ़लसफ़ा बयान करता है और इस मक़्ते को दिल से लगा लेने को जी चाहता है.. हमारी हक़ीक़त जो छिपी है इसमें!
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जवाब देंहटाएंKeep up the fantastic works guys I've included you guys
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खुबसूरत अभिव्यक्ति की उम्दा गज़ल
जवाब देंहटाएंलड़कपन बीत जाता है, जवानी भी नहीं रहती
जवाब देंहटाएंबुढापा उम्र भर इस जिस्म का मेहमान होता है
हर शेर बेहतरीन,,,,लाजवाब
साभार!
बेहतरीन...
जवाब देंहटाएंसच की आधारशिला पर बेहतरीन एहसास ......
जवाब देंहटाएंजो तिनके के सहारे तैरने का दम नहीं रखते
जवाब देंहटाएंभंवर में थामना उनको कहाँ आसान होता है
बहुत सुन्दर
नहीं आसान इसकी सरहदों तक भी पहुँच पाना
जवाब देंहटाएंबुलंदी का इलाका इसलिए सुनसान होता है
लड़कपन बीत जाता है, जवानी भी नहीं रहती
बुढापा उम्र भर इस जिस्म का मेहमान होता है
बहुत खूब... खूबसूरत ग़ज़ल...हर एक शेर अपने में गहरे अर्थ लिए हुए है.
जवाब देंहटाएंमुखोटे ओढ कर सच की हकी्कत ढूंढते हैं लोग--
बुढापा उम्र भर---
सच तीर भी है---खंजर भी--
सीने में लहू को तर रखना होता है ताकि,चोट गहरी ना लगे.कां्टों के साथ एक फूल उम्मीद होती है.
भावों से महकती रचना.
जवाब देंहटाएंमुखोटे ओढ कर सच की हकी्कत ढूंढते हैं लोग--
बुढापा उम्र भर---
सच तीर भी है---खंजर भी--
सीने में लहू को तर रखना होता है ताकि,चोट गहरी ना लगे.कां्टों के साथ एक फूल उम्मीद होती है.
भावों से महकती रचना.
आपकी गजल हमेशा ही उम्दा होती है सो इसबार भी हमेशा की तरह है एकसे एक नायाब शेर कहे है नासवा जी, बहुत खूब !
जवाब देंहटाएं
जवाब देंहटाएंकिसी के हाथ में ख़ंजर, कहीं फरमान होता है
तुम्हारी दोस्ती में ये बड़ा नुक्सान होता है
हर शैर अपनी जगह खूबसूरत अर्थ लिए है।
behtreen prastuti ..
जवाब देंहटाएंएक से एक बढ़ कर !
जवाब देंहटाएंमुखौटे ओढ़ कर सच की हकीकत ढूंढते हैं सब.…
जवाब देंहटाएंकैसे सांस लेते हैं जीवन भर मुखौटों की ओट में लोग
लाज़वाब हर बार की तरह …
जो तिनके के सहारे तैरने का दम नहीं रखते
जवाब देंहटाएंभंवर में थामना उनको कहाँ आसान होता है
......... बिल्कुल सच कहा है आपने
बेहतरीन प्रस्तुति
बहुत खूब...सुंदर प्रस्तुति||| हमेशा की तरह...
जवाब देंहटाएंवाह। बेहतरीन प्रस्तुति
जवाब देंहटाएंबेहद उम्दा ग़ज़ल...
जवाब देंहटाएंनहीं आसान इसकी सरहदों तक भी पहुँच पाना
जवाब देंहटाएंबुलंदी का इलाका इसलिए सुनसान होता है
क्या बात कही है सर जी.
Umda krati dil ke choo lene wali.
जवाब देंहटाएंमुखौटे ओढ़ कर सच की हकीकत ढूंढते हैं सब
जवाब देंहटाएंशहर का आइना ये देख कर हैरान होता है
जो तिनके के सहारे तैरने का दम नहीं रखते
भंवर में थामना उनको कहाँ आसान होता है
बहुत खूब
मुखौटे ओढ़ कर सच की हकीकत ढूंढते हैं सब
जवाब देंहटाएंशहर का आइना ये देख कर हैरान होता है
bahut hi umdaah..gahre bhaawo uthaaye har pankti
मुखौटे ओढ़ कर सच की हकीकत ढूंढते हैं सब
जवाब देंहटाएंशहर का आइना ये देख कर हैरान होता है.
SACH!!!!!!!!!